पिछले २० साल से मार्किट में कई ऐसे उत्पाद आ रहे हैं जिनके चमत्कारी होने का दावा किया जाता है ,निसंदेह वैज्ञानिक अनुसन्धान के कारन ऐसी अनेक वनस्पतियों की खोज हो रही है जिनके विषय में पहले नहीं पता था लेकिन व्यापारी लोग इन्हे अतीव चमत्कारी बता कर बेच रहे हैं। इस लिस्ट में बहुत नाम है। स्प्रीलूना नामक समुद्री काई जिसमे प्रोटीन की उच्च मात्रा बताई गयी थी एक जमाने में खूब बिकी। हर महीने ऐसी चमत्कारी हर्बस के बारे में पता चल रहा है कि जो तेजी से फैट घटाती हैं या स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हैं। ऐसे उत्पादों के छोटे छोटे लक्षणों को वयापारी बढ़ा चढ़ा कर बताते हैं जैसे कि इसमें इतने mcg आयरन है ,इतने mcg थायमिन या अन्य विटामिन हैं। जगत में कोई वनस्पति ऐसी नहीं जिसमे कोई पोषक तत्व न हो। कुछ खोज निसंदेह चमत्कारी हैं लेकिन प्रोपगेंडा के प्रभाव में आकर ऐसे हर्बल प्रोडक्ट खरीदने से बचे। पहले स्वयं रिसर्च करे कि इसकी क्या प्रॉपर्टी है। ऐसे जयादातर प्रोडक्ट फैट घटाने के नाम पर बेचे जा रहे हैं ,सलाह लेकर या स्वयं शोध करके ही ले।
नीचे की तरफ भूरे रंग का ढेर शक्कर का है।और ऊपर चीनी।बहुत से लोगो को चीनी एवम शक्कर का अंतर ही नही पता।लोग चीनी को ही शक्कर समझ लेते हैं।जबकि दोनो में बहुत अंतर है। शक्कर बनाने की प्रक्रिया बिल्कुल गुड़ के समान है।गुड़ का चूर्ण समझ लीजिए। अच्छे स्वास्थ्य के इछुक लोगो के लिए चीनी का बेहतर विकल्प शक्कर है।चीनी बनाने की प्रक्रिया थोड़ी परिष्कृत है।चीनी के रस को बहुत उबलने पर बॉन चारकोल से परिष्कृत किया जाता है।वहीं गन्ने के रस को उबालते रहते हैं बहुत गाढ़ा हो जाने पर गुड़ /शक्कर बनते है।दोनों के गन्ने से बनने बावजूद दोनो के पोषण मूल्य 【nutritional value】में अंतर है।चीनी तुरन्त ऊर्जा देती है। शक्कर देर में ऊर्जा देती है।चीनी की प्रकृति ठंडी होती है।शक्कर की गर्म।दोनो में कैलोरी समान होती है।एक टेबल चम्मच चीनी या शक्कर में समान कैलोरी 【60】होती है।दोनो ही मधुमेह के रोगियो के ठीक नही है।शक्कर में लौह ,एवम अनेक खनिज लवण भी होते हैं।शक्कर या गुड़ हल्के नमकीन भी लगते हैं जिसका कारण है गन्ने के रस में भूमि से प्राप्त खनिज लवण। -राजा हर्षवर्धन के दरबार मे ली पाओ नामक चीनी राजदूत था।चीन के राजा ने राजदूत...
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