मित्रो यह मेरा ब्लॉग बॉडीबिल्डिंग ,पावरलिफ्टिंग ,आहार ,फिटनेस एवं अन्य से सम्बन्धित आलेखों एवं ज्ञान पर आधारित है। मैं बॉडीबिल्डिंग का ज्ञान दूसरो के साथ साझा करना चाहता हूँ। यह मेरा दावा है कि अगर देश में कोई और वयक्ति बॉडीबिल्डिंग के इतिहास ,प्रतियोगिताओं की जानकारी,बॉडीबिल्डर के विषय में -- मेरे से जयादा ज्ञान रखता हो १ लाख रूपये नगद दूंगा। -लक्ष्मण सिंह देव [पीएचडी ]
नीचे की तरफ भूरे रंग का ढेर शक्कर का है।और ऊपर चीनी।बहुत से लोगो को चीनी एवम शक्कर का अंतर ही नही पता।लोग चीनी को ही शक्कर समझ लेते हैं।जबकि दोनो में बहुत अंतर है। शक्कर बनाने की प्रक्रिया बिल्कुल गुड़ के समान है।गुड़ का चूर्ण समझ लीजिए। अच्छे स्वास्थ्य के इछुक लोगो के लिए चीनी का बेहतर विकल्प शक्कर है।चीनी बनाने की प्रक्रिया थोड़ी परिष्कृत है।चीनी के रस को बहुत उबलने पर बॉन चारकोल से परिष्कृत किया जाता है।वहीं गन्ने के रस को उबालते रहते हैं बहुत गाढ़ा हो जाने पर गुड़ /शक्कर बनते है।दोनों के गन्ने से बनने बावजूद दोनो के पोषण मूल्य 【nutritional value】में अंतर है।चीनी तुरन्त ऊर्जा देती है। शक्कर देर में ऊर्जा देती है।चीनी की प्रकृति ठंडी होती है।शक्कर की गर्म।दोनो में कैलोरी समान होती है।एक टेबल चम्मच चीनी या शक्कर में समान कैलोरी 【60】होती है।दोनो ही मधुमेह के रोगियो के ठीक नही है।शक्कर में लौह ,एवम अनेक खनिज लवण भी होते हैं।शक्कर या गुड़ हल्के नमकीन भी लगते हैं जिसका कारण है गन्ने के रस में भूमि से प्राप्त खनिज लवण। -राजा हर्षवर्धन के दरबार मे ली पाओ नामक चीनी राजदूत था।चीन के राजा ने राजदूत...
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